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Monday, 5 August 2013

BIG BOSS : आओ खेलें गाली - गाली !

मीडिया पर लगातार बात करते हुए मैं भी थोड़ा ऊब सा गया हूं, सोच रहा हूं आज बात तो छोटे पर्दे की ही करूं, लेकिन खबरिया चैनलों के बजाए चलते हैं मनोरंजक चैनल की ओर। सच बताऊं आजकल टीवी पर प्रसारित होने वाले कई रियलिटी शो मुझे बहुत पसंद हैं, खासतौर पर इंडियन आयडल जूनियर और डीआईडी सुपर मम तो मेरा प्रिय शो है। लेकिन दो और रियलिटी शो पाइप लाइन मे हैं। एक बिग बी यानि अमिताभ बच्चा का शो कौन बनेगा करोड़पति, इसके अलावा हिंदी सिनेमा के दबंग मतलब सलमान खान का शो बिग बाँस। वैसे जब भी मैं किसी को बताता हूं कि मुझे रियलिटी शो बिग बाँस बहुत पसंद है, तो लोग मुझे बहुत नफरत की निगाह से देखते हैं। मतलब उनका बस चले तो मेरे मुंह पर ही थूक दें और कहें कि ये तो बिग बाँस देखता है, अब इससे तो बात करना ही बेकार है। लेकिन अब क्या कहें, मुझे शो पसंद है तो फिर है। मैं तो इस बार भी देखूंगा।

सुर्खियों में रहने वाले छोटे पर्दे के इस बहुचर्चित शो में आमतौर पर ऐसे ही लोगों को जगह मिलती है जिनके साथ कोई न कोई विवाद जुड़ा होता है। इसलिए देश में हर क्षेत्र के छटे हुए लोगों की तलाश शुरू हो गई है। इसी क्रम में कोशिश हो रही है कि इस बार शो में क्रिकेटर श्रीसंत को शामिल किया जाए। सबको पता है कि अब उसका क्रिकेट का कैरियर तो लगभग खत्म ही है। लेकिन जनाब के शौक बहुत खर्चीले और निराले हैं। जाहिर है उसे पैसों की जरूरत है और चैनल को एक विवादित सेलेब्रिटी की खोज है। वैसे केवल क्रिकेटर के तौर पर देखा जाए तो श्रीसंत की घर में उतनी जरूरत नहीं है, लेकिन उसकी अतिरिक्त योग्यता यानि मैच फिक्सिंग, सट्टेबाजी, लड़कीबाजी की वजह से ये परफेक्ट या कहें कि पूरा मस्त पैकेज है। सबको पता है कि श्रीसंत थोड़ा बिगड़ैल भी है, तो इसे अनुशासन में रखने के लिए हरभजन सिंह को भी घर में लाने की बात चल रही है। माना जा रहा है कि हरभजन को अब कैमरे पर चांटा मारने की कोई जरूरत नहीं है, दोनों आमने-सामने या साथ साथ भी होगें तो दर्शकों में अपने आप चांटे की फिलिंग आएगी।

आजकल क्रिकेट की चर्चा हो और चीयर गर्ल की बात ना हो लगता है कि बात पूरी ही नहीं हुई। मुझे तो लगता है कि अब क्रिकेट खेलने के लिए सिर्फ बैट, बाँल और विकेट की जरूरत नहीं है, बल्कि इन तीनों के साथ चीयर गर्ल भी उतनी ही जरूरी है। लिहाजा बिग बाँस के घर का न्यौता पूनम पांडे को भी दिया जा रहा है। अरे ये क्या ! आप पूनम पांडेय को नहीं जानते, पूनम को नहीं जानते मतलब पीएसपीओ नहीं जानते। जरा दिमाग पर जोर डालिए,  ये वही पांडेय है जिन्होंने ऐलान किया था कि अगर भारतीय क्रिकेट टीम विश्वकप जीतती है तो ये टीम के सामने "टाँपलेस" हो जाएगी। बेचारे क्रिकेटर कप जीतने के बाद मुंबई में काफी दिनों तक इधर उधर घूमते रहे, लेकिन पूनम पुलिस के डर से ना जाने कहां लापता हो गई थी। खैर अब देखते हैं बिग बाँस के घर में क्या जलवा दिखाती हैं पूनम।

रियलिटी शो बिग बाँस सीजन 7 के लिए एक खबर अंदर से छन कर बाहर आ रही है। कहा जा रहा है कि रितिक रोशन के साथ फिल्म 'कहो ना प्यार है' से बॉलीवुड में एंट्री करने वाली  अमीषा पटेल भी इस घर की मेहमान बन सकती है। लेकिन कहा जा रहा है कि अमीषा ने बतौर  फीस एक हफ्ते का 75 लाख रुपये मांग लिया है। इससे चैनल ये सोचने पर मजबूर हो गया है कि इतनी फीस देकर अमीषा लाना शो के लिए कितना फायदेमंद होगा ? आपको पता होगा कि पाकिस्तानी अदाकारा बीना मलिक के साथ जिस अस्मित पटेल ने बिग बाँस को गंदगी से भर दिया था, वो अस्मित अमीषा का ही भाई है। चर्चा तो यही है कि अमीषा ने भी चैनल को भरोसा दिलाया है कि अगर वो शो में आती हैं तो घर में विवाद खड़े करने से पीछे नहीं रहेंगी। अब अमीषा के पास इतना काम नहीं है, जिससे उनकी डेट मिलने में दिक्कत हो, हां उनकी फीस का मामला जरूर पेचीदा है। अगर फीस का  मसला सलट गया तो इन्हें वाइल्ड कार्ड एंट्री दी जा सकती है। वैसे चैनल ने तो ममता कुलकर्णी से भी संपर्क किया था,  लेकिन सूत्र कहते हैं कि उन्होंने शो में शामिल होने से साफ मना कर दिया।

हालाकि चैनल वाले मेरी राय मानेंगे नहीं, वरना कुछ नाम मैं भी सुझाना चाहता हूं। इस बात की गारंटी है कि अगर मेरे सुझाए नाम को चैनल के कर्ता-धर्ता बिग बाँस के घर लाने में कामयाब हो गए तो शो की टीआरपी की चिंता करने की जरूरत ही नहीं होगी। चलिए दो चार नाम बता भी देता हूं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और बाबा रामदेव, श्रीनिवासन के दामाद मयप्पन और सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा, निर्मल बाबा और राधे मां, राजस्थान के पूर्वमंत्री महिपाल मदेरणा ( भंवरीदेवी वाले ) और मध्यप्रदेश के पूर्वमंत्री राघव जी (यौनाचार के आरोपी) , राज ठाकरे और लालू यादव, यूपी के पूर्वमंत्री राजा भइया और कुंडा में मारे गए सीओ की पत्नी परबीन के अलावा पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल के साथ सीबीआई डायरेक्टर ( तोता)  को घर में शामिल होने का न्यौता भेजा जाना चाहिए। वैसे मुझे तो अभी इतने ही नाम याद आ रहे हैं, अगर आपको और कोई नाम याद आ रहा हो तो सुझाव दे सकते हैं।

ये शो मेरा तो बहुत ही फेवरिट है, लिहाजा इस शो के बारे में यहां आपको हर छोटी बड़ी खबर मिलती रहेगी। लेकिन चलते चलते आपको ये बता दूं कि पिछले सप्ताह मीडिया की एक खबर ने सनसनी फैला दी थी कि बिग बॉस के सातवें सीजन के लिए दबंग सलमान और चैनल के बीच 130 करोड़ की डील हुई है। इस डील के हिसाब से सलमान को हर एपिसोड का पांच करोड़ रूपए मिलने वाला था। लेकिन अब ये बात सामने आ रही है कि ये गलत खबर थी। बताया जा रहा है कि सलमान को पिछले साल से 50 लाख ज्यादा यानि हर एपीसोड के तीन करोड़ रुपये मिलेंगे। लेकिन छोटे पर्दे की ये फीस भी आज की तारीफ में सबसे अधिक है। इतनी फीस दस का दम करने वाले शाहरुख खान, कौन बनेगा करोडपति शो करने वाले अमिताभ बच्चन को भी नहीं मिलती है। बहरहाल अब इंतजार की घड़ी खत्म, अगले महीने से शुरू हो जाएगा बिग बाँस, मैं तो तैयार हूं आप तैयार हो जाइये, घर के भीतर का पागलपन देखने के लिए।



Monday, 25 March 2013

हद है फिल्मी पत्रकारिता की !


टीवी जर्नलिज्म वैसे ही विश्वसनीयता के संकट से गुजर रहा है, उसमें फिल्मी पत्रकारिता का हाल तो भगवान ही जानें। यहां तो अभिनेता जब भी पत्रकारों से मिलते हैं तो उसे बताते हैं कि आपके चेहरे पर कैसी दाढी अच्छी लगेगी और आपका हेयर स्टाइल क्या होना चाहिए। कुछ पत्रकार जो अभिनेता के ज्यादा करीब होते हैं, अभिनेता अपने स्टाइलिस को बोल देते हैं कि जरा पत्रकार जी को भी स्टाइल बताइये। रही बात अभिनेत्रियों की तो वो विदेशों से लौटते वक्त कुछ लिपिस्टिक और क्रीम साथ लाती हैं, जिससे महिला पत्रकारों की खूबसूरती में चार चांद लग सके। जो हालात हैं उससे तो यही लगता है कि इन पत्रकारों को पत्रकारिता से कोई लेना देना ही नहीं है। वरना शनिवार 23 मार्च को सलमान खान जैसे अभिनेता को लेकर जो खबरें घंटो चलती रहीं, उससे तो हर चैनल के फिल्मी पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। तमाम चैनलों पर दोपहर तक फिल्मी पत्रकार चीखते रहे कि काले हिरन के शिकार के मामले मे कोर्ट में पेश होने के लिए सलमान खान मुंबई से चार्टर प्लेन से जोधपुर रवाना हो गए, जबकि सलमान देश में ही नहीं थे वो अमेरिका में इलाज करा रहे थे।

फिल्मी पत्रकारिता में ऐसा तो होता नहीं है कि बड़े-बड़े अभिनेता या अभिनेत्रियों के खिलाफ इतनी खबरें चैनल में चल रही हैं कि वो रिपोर्टर से सीधे मुंह बात ना करते हों। अरे भाई फिल्मी पत्रकारिता तो वैसे भी फिल्मी कलाकारों को " ओब्लाइज " करने वाली हो गई है। अब तो एक फिल्म बनी नहीं कि बड़े से बड़े कलाकार दिल्ली में डेरा डाल देते हैं और हर चैनल में जाकर इंटरव्यू देते हैं। आप देखते होगें कि पहले इन कलाकारों से चैनल का बहुत सीनियर एंकर इंटरव्यू करता था, परंतु अब बिल्कुल ऐसा नहीं है। दो दिन पहले चैनल ज्वाइन करने वाले को भी इन कलाकारों के इंटरव्यू करने को कह दिया जाता है। अव्वल तो अब रिपोर्टर से कह देते हैं कि आप ही बातचीत कर लो। बहरहाल मुद्दा ये है कि जब चैनल इनके लिए इतना कुछ करते हैं तो क्या ये कलाकार आपसे एक मिनट की फोन पर बात नहीं कर सकते। शनिवार की शर्मनाक घटना से तो यही साबित होता है । आपको पता ही है कि काले हिरन के शिकार के मामले में 23 मार्च शनिवार को सलमान खान को जोधपुर की अदालत में पेश होना था। चैनलों के रिपोर्टर सुबह से चीखने लगे कि सलमान जोधपुर जाएंगे। चैनल का रिपोर्टर जो सलमान के घर के बाहर खड़ा है वो बता रहा है कि सलमान काली कार से एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। थोड़ी देर बाद खबर चली कि मुंबई से सलमान चार्टर प्लेन से जोधपुर के लिए उड़ गया।

मुंबई मीडिया की इस खबर के बाद चैनलों की ओवी वैन जोधपुर एयरपोर्ट की ओर रवाना हो गई। रिपोर्टर और कैमरामैन ने भी वहां मोर्चा संभाल लिया। अब बारी थी जोधपुर के रिपोर्टर के चीखने की, उसने भी शुरू कर दिया कि कुछ देर में सलमान का चार्टर प्लेन यहां उतरने वाला है। सब हवा में बातें कर रहे हैं, क्योंकि इसी बीच न्यायालय में सलमान के वकील ने एक अर्जी दी, जिसमें कहा गया कि सलमान इलाज के लिए अमेरिका गए हैं, उन्हें डाक्टरों ने सफर की इजाजत नहीं दी, लिहाजा उन्हें आज कोर्ट में उपस्थिति से छूट दे दी जाए। सच कहूं पहले तो हंसते-हंसते बुरा हाल हो गया, फिर तकलीफ भी हुई कि क्या चैनल के रिपोर्टर्स की पहुंच इतनी भी नहीं है कि वो ये पता कर पाएं कि सलमान देश में है या नहीं। कोर्ट में पेशी के लिए जोधपुर जाएंगे या नहीं। अब न्यायालय में खड़े रिपोर्टर ने जब बताया कि सलमान के वकील तो बता रहे हैं कि सलमान अमेरिका में है तो मुंबई के रिपोर्टर ने बड़े ही आसानी से कह दिया कि फिर वो सही कह रहा होगा। अरे भाई मेरा सवाल है कि इतनी बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार कौन है ?

आपको  पता है कि ये फिल्मी कलाकार सेलेब्रेटी हैं, जब जोधपुर के लोगों को पता चला कि वो एयरपोर्ट पर आने वाले हैं तो जाहिर है बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए अपने हरदिल अजीज कलाकार से मिलने के लिए, उसकी एक झलक पाने के लिए। अब ये प्रशंसक किससे शिकायत करें। इनकी सुनवाई कहां होगी। बहरहाल शनिवार की गलती का असर आज दिखाई दिया। सलमान अमेरिका से कल रविवार को मुंबई वापस लौटे और एयरपोर्ट से सीधे संजय दत्त से मिलने चले गए, हालाकि ये खबर फिल्मी रिपोर्टरों को नहीं पता है । बहरहाल आज तो चैनल के रिपोर्टर ने जिस तरह की बात की, उससे साफ हो गया कि फिल्मी कलाकारों पर इनकी दो पैसे की पकड़ नहीं है। सलमान के खिलाफ हिट एंड रन के मामले में गैर इरादतन हत्या का केस चल रहा है। इसकी आज यानि 25 मार्च को मुंबई की ही एक कोर्ट में सुनवाई होनी थी। लिहाजा चैनल के रिपोर्टर सुबह सुबह जम गए सलमान के घर के बाहर। अब चैनल के एंकर ने अपने रिपोर्टर से कहा कि आपकी तो अकसर सलमान से बात होती रहती है, अंदर से क्या खबर आ रही है, बताइये सलमान आज कोर्ट में पेश होंगे के नहीं ? रिपोर्टर ने कोई रिस्क नहीं लिया और कैमरा उनके घर पर टिका दिया और कहा कि आप देख सकते हैं कि सलमान के घर में रेनोवेशन का काम चल रहा है, इसलिए चारो ओर हरे रंग का पर्दा डाल दिया गया है। इसलिए हमलोग उनके घर में कोई ताक झांक नहीं कर पा रहे हैं। अब क्या कहूं, क्या बकवास करते हैं ये फिल्मी रिपोर्टर....... । अगर आप दो लाइन सलमान के बारे में सही नहीं बोल सकते तो क्या डाक्टर ने बताया है कि उसके घर के बाहर खड़े होकर ज्ञान दो ?

फिल्मी पत्रकारों अपनी नहीं तो कम से अपने चैनल और दर्शकों के लिए इतना भर कर लो, कि जरूरत पड़ने पर आपको सही खबर मिल जाए। सलमान जोधपुर जाएंगे या नहीं, ये बाद की बात है, ये मालूम होना चाहिए कि सलमान देश में है या नहीं। पेज थ्री की शानदार पार्टी का लजीज खाना भी तभी हजम होगा जब वो काम भी सही हो, जिसके लिए आप वहां है, जिसके बूते पर आप सब इस पार्टी में शरीक होते हैं। वरना तो सभी कलाकार और फिल्म निर्माता किसी ना किसी पीआर एजेंसी को हायर कर अपनी बात मीडिया तक भेज ही लेते हैं। दरअसल सच्चाई ये है कि फिल्मी पत्रकारिता को देश में कभी गंभीर पत्रकारिता माना ही नहीं गया है। अखबारों की चकल्लस से चैनल भी प्रभावित नजर आते हैं। हम सब देखते हैं कि फिल्मी कलाकारों को लेकर अखबारों के पूरे पेज रंगे रहते हैं, जिसमे किसी भी खबर के सच होने की गारंटी नहीं होती है। देर रात की पार्टी में क्या हुआ, कौन दारू पीकर किससे झगड़ गया, किस  हिरोइन का किससे चल रहा है, उसके घर गए तो दरवाजा किसने खोला। इसी तरह की खबरें फिल्मी पत्रकारिता में धूम मचा रही हैं। सलमान के मामले की रिपोर्ट के बाद तो बहुत निराशा हुई। खैर ये सब यूं ही चलता रहेगा, मै जानता हूं कि इसमे कोई बदलाव नहीं होने वाला।